पैर न होते हुए भी हार नहीं मानी इस बच्ची ने, अपने हौसले के दम पर आज है एक ओलंपिक खिलाड़ी

सड़क दुर्घटना में खोए अपने दोनों पैर।

आपने अक्सर लोगों को यह कहते सुना होगा कि अगर किसी के अंदर कोई शारीरिक कमी होती है, तो भगवान उसे बाकी कई गुणों से भर देता है। यह सच भी है। सब कुछ होते हुए भी हम ख़ुश नहीं रहते। हमेशा शिकायतें करते रहते हैं। पर उन लोगों के बारे में सोचिए, जिन्हें हर रोज़ जिंदगी की एक नई जंग लड़नी होती है।

हर रोज़ एक नई मुसीबत का सामना करना पड़ता है। लेकिन वो अपनी मुसीबतों से हार मानने की जगह, उनसे लड़ते हैं। ऐसी ही कहानी है एक बच्ची की जिसके पैर नहीं है, लेकिन हौसलों की उड़ान काफी है। अपने हौसले के दम पर ही यह बच्ची आज एक ओलंपिक खिलाड़ी है।