कई लोगों को नहीं पता होंगे, हथेली में स्वास्तिक का निशान होने के यह फायदे

समुद्रशास्त्र में मिलता है इनका वर्णन। 

हमारी हथेली पर बहुत सी रेखाएं और निशान होते हैं जो हमारे व्यक्तित्व, भाग्य और स्वस्थ्य से संबंधित जानकारी दे सकते हैं। समुद्रशास्त्र में इन चिन्हों के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है। वहीं हस्त रेखा शास्त्र के अनुसार तो किसी के हाथ की कलाई, अंगूठा, उंगलीयां आदि के द्वारा व्यक्ति का भविष्य भी बताया जा सकता है। वहीं स्वास्तिक का चिन्ह हिन्दू सभ्यता में मंगल प्रतीक माना जाता है।

स्वास्तिक शब्द ‘सु’ और ‘अस्ति’ से मिलकर बना है। जिसमें ‘सु’ का अर्थ है शुभ और ‘अस्ति’ का अर्थ होता है होना। इसलिए स्वास्तिक का अर्थ होता है ‘शुभ हो’ या ‘कल्याण हो’। अगर यह किसी व्यक्ति की हथेली में मौजूद हो तो लाज़मी है कि वो व्यक्ति भाग्यशाली होता है।