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Satish 05 Nov, 2018 10:08 71260 15

इतनी मेहनत से बनाये जाते हैं दीये, खरीदने जाओ तो मोलभाव करते वक्त याद रखना 

अपनी पहचान खो रहे हैं मिट्टी के दीये। 

दीपों का त्यौहार बस आ ही गया है। इस मौके पर आपने भी खूब खरीददारी करने का मन बनाया होगा। कपड़े, मिठाइयाँ, पटाखे वगैरह। वैसे इस बार घर को सजाने के लिए क्या सोचा है? कहीं फिर से वही सस्ती वाली चाइनीज लाइट्स खरीदने का तो मन नहीं बना रहे! अगर ऐसा है तो अपने प्लान में थोड़ी सी तब्दीली कर लीजिए। क्योंकि आज हम आपको दिवाली में रोशनी के सही मायनों की जानकारी देने वाले हैं। जी, हाँ! आज हम आपके लिए दिवाली में उपयोग में आने वाले दीये की कहानी लेकर आए हैं। आज हम जानेंगे मिट्टी से दीये बनने की पूरी कहानी। 

उससे पहले आपको एक बात से अवगत करा दूँ कि इन दीयों को बनाने में बहुत मेहनत लगती है। इसीलिए दीये खरीदते वक्त मोलभाव करने से बचें। वैसे भी दीयों की कीमत बहुत ही कम होती है, तो इतना तो आप कर ही सकते हैं। वैसे एक बात बताइये, क्या आपने कभी दिवाली के कपड़े खरीदते वक्त या कोई भी मिठाई खरीदते वक्त किसी दुकानदार से मोलभाव किया है? नहीं न! तो फिर इन छोटे दुकानदारों से  ही मोलभाव क्यों करते हैं? तो इस दिवाली मोलभाव ना करें ताकि कुम्हारों की भी दिवाली अच्छी मन सके। चलिए अब जानते हैं दीये बनते कैसे हैं?