Religion
Ambar16 Jan, 2017

जानिए क्यों हनुमान जी ने अपने पुत्र को पूँछ में बांधकर, श्रीराम के सामने किया था पेश 

ब्रह्मचारी हनुमान जी का पुत्र था मकरध्वज। 

रामायण के अनुसार जब हनुमान जी ने लंका दहन किया, तब तपिश के कारण उनके पसीने की बूँदें पानी में गिर गई थीं। जिनके द्वारा एक मत्स्यकन्या ने मकरध्वज को जन्म दिया। मकरध्वज के बड़े हो जाने पर, पातालपुरी के राजा अहिरावण ने उसे पातालपुरी का प्रहरी बना दिया था। जहाँ पर पहली बार हनुमान जी और मकरध्वज का सामना हुआ था।