11 साल तक इस आश्रम में रहे थे महात्मा गांधी, यहां देखें तस्वीरें

इसी आश्रम में अपने जीवन के कुछ अंतिम दिन बिताऐं।

महाराष्ट्र के वर्धा शहर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सेवाग्राम आश्रम है, जहां महात्मा गांधी ने अपने जीवन के अंतिम 12 वर्ष बिताए थे। गांधी जी 1934 में वर्धा आए थे। पहले वे मगनवाड़ी में रहा करते थे, जो शहर के बीचों-बीच हुआ करता था। इसके बाद वो 1936 में सेवाग्राम चले गए। ये गांव वर्धा से करीब 8 किमी की दूरी पर है। 

सेवाग्राम में करीब 300 एकड़ में यह आश्रम फैला हुआ है। इस आश्रम को 'बापू कुटी' के नाम से जाना जाता है। महात्मा गाधी एक संकल्प की वजह से वर्धा में रहने आए थे। 1930 में साबरमती आश्रम से दांडी यात्रा पर निकले गांधी ने ये संकल्प लिया था कि वे तभी आश्रम वापस लौटेंगे जब अंग्रेजों से देश आजाद करा लेंगे।

लेकिन उस समय आज़ादी न मिलने के कारण वो साबरमती नहीं लौटे और ये सोचने लगे कि मध्यभारत में कहीं अपना आश्रम बनाए। जमनालाल बजाज के आग्रह पर बापू वर्धा रहने चले आए।