राजस्थान का गोगाजी मंदिर, जहाँ हिन्दू-मुसलमान दोनों टेकते हैं मत्था

नाथ परंपरा का गोगाजी मंदिर हिन्दू-मुस्लिम एकता की पहचान है।

भारत सौहार्द की मिसाल है, यहाँ हर संप्रदाय के लोग बड़े प्रेम से गुजर बसर कर रहे हैं। बंटवारे और कट्टरता की नींव पड़ती है धर्म की कट्टरता से। जबकि धर्म की किसी किताब में नफरत की तकरीरें नहीं लिखी गई हैं। देश में आज भी कई ऐसी जगहें हैं जो धर्म और कर्म से ऊपर उठ चुकी हैं। जयपुर से लगभग 250 किलोमीटर दूर चुरू में स्थित गोगाजी मंदिर अपने आप में बहुत मशहूर है। राजस्थान के छह सिद्धों में गोगाजी का स्थान प्रथम है। मुस्लिम लोगों में भी इस मंदिर की उतनी ही मान्यता है, जितनी हिन्दुओं में। गोगाजी मंदिर ने सिख संप्रदाय की भी श्रद्धा अर्जित की है। आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक मंदिर के इतिहास के बारे में।