मुंह लटकाकर बैठने से अच्छा है चुटकुले पढ़ो और मुस्कुरा लो

आप भी ट्राय कर लीजिए।

चुटकुलों का तो ऐसा है कि जहां मिल जाए सुन लीजिए। पसंद आए तो मुस्कुरा लीजिए। अगर नापसंद हो तो वही बोल दीजिए। कुल मिलाकर बात तो मौज-मस्ती की ही है। वो पूरी तरह से होना चाहिए। कभी ऐसा हो सकता है कि आपके पास कोई विकल्प न हो। ऐसे में हम आपकी मदद के लिए पहुंच जाते हैं।

समझ गए ना। हम नटखट चुटकुलों की सौगात आपके लिए लेकर आते ही इसलिए हैं कि आपका मनोरंजन ठीक तरह से चलता रहे। इसमें कहीं किसी तरह की कोई कमी नहीं होना चाहिए। जिंदगी वैसे भी हंसने-मुस्कुराने का ही दूसरा नाम है। बिना इसके कुछ कम-कम सा लगता है।

और हां। अब यह बहाना मत बनाइएगा कि कुछ होना भी तो चाहिए जिससे लोगों को हंसाया जा सके। कारण कि गुदगुदाते चुटकुलों की पूरी की पूरी फौज लेकर आपके पास पहुंच चुके हैं। आप बस ध्यान से पढ़िए।