पिता को मोपेड पर ले जानी पड़ी बेटी की लाश, एम्बुलेंस की कमी ने किया मानवता को शर्मसार 

सुविधाओं के अभाव में हुई युवती की मृत्यु।

अगस्त 2016 में उड़ीसा के दाना मांझी अपनी पत्नी की लाश को कंधे पर लेकर 10 किलोमीटर तक पैदल चले थे। इस हृदयविदारक घटना ने इंसानियत पर एक बड़ा सवाल खड़ा किया था और लोगों ने एकजुट होकर इसकी जमकर आलोचना भी की थी। 

लेकिन इतना सब होने के बाद भी इस तरह की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही के एक ताजा मामले में एक पिता को अपनी बेटी की लाश मोपेड पर ले जाना पड़ा।

ABP न्यूज़ की खबर के अनुसार इस अमानवीय घटना में कर्नाटक के टुमकुर क्षेत्र में सोमवार को एक पिता को अपनी बेटी का शव, दो पहिया वाहन से सिर्फ इसलिए ले जाना पड़ा क्योंकि अस्पताल में एम्बुलेंस की कोई व्यवस्था नहीं थी।