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Satish03 Dec, 2018

हॉकी का जादूगर जिसने देश के लिए ठुकरा दिया था हिटलर का ऑफर

पूरी दुनिया थी इनके खेल की दीवाली। 

हॉकी के महान खिलाड़ी ध्यानचंद का जन्म उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (हालिया प्रस्तावित नाम 'प्रयागराज') में हुआ था। वैसे तो बचपन में उन्हें हॉकी या किसी अन्य खेल के प्रति कोई रुझान नहीं था, मगर उन्होंने अपने कठिन परिश्रम और लगन से हॉकी की दुनिया में ये मुकाम हासिल किया। 
1922 में जब वे 16 साल के थे उसी वक्त दिल्ली के ब्राह्मण रेजिमेंट में बतौर सिपाही भर्ती हो गए। रेजिमेंट के सूबेदार मेजर तिवारी की वजह से ध्यानचंद को हॉकी की तरफ रुझान हुआ क्योंकि मेजर तिवारी खेलों के शौक़ीन थे और हॉकी से उन्हें विशेष लगाव था। सेना में रहते हुए ध्यानचंद ने भारत के लिए खूब हॉकी खेली और नाम कमाया, जिसकी वजह से सेना में लगातार उनकी पदोन्नति होती चली गई और वे मेजर बन गए। 
जब वे हॉकी खेलते थे तो गेंद उनकी हॉकी स्टिक के साथ इस तरह चिपकी रहती थी, जैसे चुम्बक से कोई लौह पदार्थ चिपका हुआ हो। ऐसी और दिलचस्प बातें जानने के लिए इस स्टोरी को पूरा पढ़िए।