जानिये बालासाहेब ठाकरे की ठसक और नवाज़ुद्दीन की अदाकारी में क्या कुछ है समान

बालासाहेब पर बनी फिल्म देखने से पहले उनके बारे में पढ़ लीजिए। 

नवाजुद्दीन सिद्दीकी बॉलीवुड के संघर्ष का पर्याय कहे जाते हैं। हालाँकि संघर्ष का पर्याय किसी को भी कहना अतिश्योक्ति कहलायेगी। मगर बॉलीवुड में जो ठप्पा एक बार लग जाता है, वो आजीवन साथ चलता है। इसे खुद से अलग करना मुश्किल होता है। खैर, नवाजुद्दीन ने अपने संघर्ष को जाया नहीं किया। उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों में खुद को तराशने का सिलसिला जारी रखा, जिसका मीठा फल उन्हें अभी मिल रहा है।
नवाजुद्दीन के अभिनय में एक बात साफ देखी जा सकती है, वे कभी भी अपने व्यक्तित्व की झलक किसी चरित्र में नहीं आने देते हैं। ये बात उनके द्वारा निभाये गए अबतक के सभी किरदारों में प्रमुखता से देखी जा सकती है। अब जबकि उनकी नयी फिल्म आने को है, तो बात उसी की। उनकी आने वाली फिल्म का नाम 'ठाकरे' है। एक समय महाराष्ट्र के सबसे बड़े नाम और तब के शिवसेना संचालक 'बालासाहेब ठाकरे' के जीवन पर ये फिल्म बनी है। इसके ट्रेलर को देखकर कुछ-कुछ ऐसा आभास होता है, जैसे इस फिल्म के माध्यम से आगामी लोकसभा चुनाव को साधने के लिए शिवसेना की छवि को बहुत बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया गया है। ऐसा इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि ट्रेलर में कुछ ऐसे संवाद हैं, जो बालासाहेब ठाकरे ने बोले ही नहीं थे। यूट्यूब पर मौजूद बालासाहेब के द्वारा दिए गए इंटरव्यू के सीन से इसकी पुष्टि की जा सकती है। अब देखते हैं, फिल्म में ऐसा क्या कुछ है, जो शिवसेना की गिरती लोकप्रियता को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। इसके लिए हमें और आपको फिल्म का इंतजार करना  पड़ेगा। तब तक, क्यों न आप और हम चलते हैं, रील लाइफ और रियल लाइफ के ठाकरे से रूबरू होते हैं और जानते हैं, इनमें क्या अलग और क्या समान है।