नवजात को जिंदा होते हुए भी बता दिया मृत, दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में हुई भारी चूक

परिजन पहुंच गए हैं कानून की शरण में।

डॉक्टर को लोग ईश्वर का रूप मानते हैं। डॉक्टर को आमजन खुदा के भेजे हुए फरिश्ते के तौर पर देखते हैं क्योंकि भगवान के बाद कोई इंसान को जीवनदान दे सकता है तो वह डॉक्टर ही है। जब डॉक्टर किसी इंसान की ज़िंदगी बचाते हैं तो सिर्फ उसके लिए ही नहीं बल्कि उसके पूरे परिवार के लिए बहुत खास बन जाते हैं। 

हालांकि डॉक्टर का काम भी बाकी प्रोफेशन के समान ही है। कारण कि ये लोगों की ज़िदंगी से जुड़ा है। ऐसे में इसे केवल एक पेशा नहीं बल्कि इससे ऊपर का माना जाता हैै। बावजूद इसके कुछ घटनाएं हो जाती हैं जो इस पेशे को शर्मसार कर देती है।

और तो और ऐसी घटनाएं सामने आने के बाद सवाल खड़ा कर देती हैं कि 'क्या सच में डॉक्टर भगवान के दर्जे के हकदार हैं'। बहरहाल ऐसा ही एक मामला दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल का भी सामने आया है। इसके बाद लोगों के भरोसा डगमगा गया है।

आइए आपको बताते हैं पूरा मामला।