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Satish 26 Feb, 2019 07:44 73507 5

अपने सपनों को जीने के साथ-साथ राष्ट्र के निर्माण में सहभागी बनें

जुनून और राष्ट्र निर्माण एक साथ।

भारत में युवाओं का एक तबका ऐसा है जो अब नौकरी के पीछे भागने के बजाय खुद नौकरी देने की क्षमता रखता है। ऐसा करते हुए वे अपने सपनों को पूरा कर रहे हैं और साथ ही उन नौजवानों को भी एक मौका दे रहे हैं जो पारंपरिक नौकरियों की अंधदौड़ में खुद को फिट नहीं पाते।
इन युवाओं के लिए नौकरी केवल आय का जरिया भर नहीं है बल्कि अपने सपनों को उड़ान देने का जरिया भी है, जिनमें पंख लगाने का काम कई नये और जोशीले युवा उद्यमी कर रहे हैं।

ये केवल जोशीले युवा नहीं हैं। इनके पास खुद के नये-नये विचार हैं। नई सोच है। ये नये तरीकों का इस्तेमाल करना जानते हैं।
अब वो समय तेजी से बदल रहा है, जहाँ पहले लोग ग्रेजुएशन करने के बाद नौकरियों के फॉर्म भर-भर कर तैयारियों में जुट जाते थे। एक ऐसी तैयारी जिसकी कोई तय सीमा नहीं होती थी। मगर समय ने करवट ली और देखते-देखते पूरा का पूरा पैटर्न ही बदलने लगा।
आइये जानते हैं, इस कड़ी में कुछ सराहनीय कदम की गाथा।