एक समय पर लालबत्ती में घूमने वाली ये महिला आज भेड़-बकरी चराने को मजबूर है

2005 में थीं जिला पंचायत की अध्यक्ष।

'बस एक बार सरकारी पद लग जाए फिर तो लाइफ सेट है भाई।'

आमतौर पर सरकारी पद को लेकर ऐसे ही शब्द सुनने को मिलते हैं। लोगों की इसी धारणा को तहस-नहस करता एक उदाहरण सामने आया है। जिसमें एक समय पर लाल बत्ती में घूमने वाली आदिवासी महिला आज जीवन व्यापन के लिए भेड़-बकरियां चराने को मजबूर हो गई है।

फिल्मी कहानी की तरह प्रतीत होने वाला ये किस्सा असल में सच है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रही महिला के पास आज रहने को घर तक नहीं है, जिसके चलते वो झोपड़-पट्टी में रहने को मजबूर है। आखिर कौन है ये महिला? और क्या है पूरा मामला? चलिए जानते हैं...