एशियन गेम्स में गोल्ड जीत हीरो बने बजरंग एक समय पर दूध-घी तक के लिए तरसते थे

बेहद इंस्पायरिंग है इनकी कहानी।

हाल-फिलहाल सवा सौ करोड़ भारतीयों की नज़र जकार्ता में चल रहे एशियन गेम्स पर टिकी है। देश के नाम गोल्ड आ जाने पर एक्साइटमेंट कई गुना बढ़ जाती है। पहलवानी में भारत का नाम रोशन कर गोल्ड जीतने वाले बजरंग पूनिया से आज देश का बच्चा-बच्चा वाकिफ होगा। बजरंग ने जो कमाल किया उसका साक्षी तो पूरा देश है लेकिन पर्दे के पीछे की कहानी शायद ही कोई जानता हो। 

आज 'गोल्ड ब्वॉय' के नाम से पुकारे जाने वाले बजरंग ने एक समय पर किल्लत के दिन देखे हैं। हालातों के चलते उनके लिए दूध-घी तक की व्यवस्था करना परिवार के लिए किसी संघर्ष से कम नहीं था। बजरंग का गांव की गलियों से एशियन चैंपियनशिप तक का सफर काफी उतार-चढ़ावों से भरा रहा। उनके संघर्ष की कहानी सुनने के बाद आप भी मानेंगे, 

'असली हीरो पैदा नहीं होते, बल्कि मेहनत के दम पर बनते हैं।'