लाइफ़
Bhawana Bhise 05 Nov, 2018 10:08 60197 10
  • Home
  • लाइफ़
  • लाइफ़
  • 'दीपावली' पर इन दिक्कतों का सामना करते हैं 'डॉग्स', जानिए उनकी कहानी उन्हीं की जुबानी

'दीपावली' पर इन दिक्कतों का सामना करते हैं 'डॉग्स', जानिए उनकी कहानी उन्हीं की जुबानी

हां, ये बोल तो नहीं सकते मगर महसूस कुछ ऐसा ही करते होंगे। 

हर व्यक्ति की 'दीपावली' को लेकर अपनी एक तैयारी होती है। मतलब कि क्या कपड़े पहनना है? कौन-कौन सी मिठाइयां खाना है? कितने पटाखे लाना है? आतिशबाजी कैसी प्लान करना है? और भी न जाने क्या-क्या। मगर आपने कभी सोचा है कि इन तमाम परिस्थितियों में पालतू या आवारा जानवर क्या सोचते होंगे? शायद नहीं। 

चलिए आज यही समझने की कोशिश करते हैं कि अगर मूक जानवर, स्ट्रीट डॉग्स या पेट डॉग्स हमसे कुछ बोल पाते तो आतिशबाजी के बारे में क्या कहते। 

'आज घर में सभी जल्दी उठ गए थे। पूरे घर में पोछा भी लगा। फिर दोपहर से ही सब आंगन में बैठकर कुछ-कुछ करने लगे। मैं मदद करने गया तो मुझे चैन से बांधकर कोने में बैठा दिया गया। शाम को सबने नए कपड़े पहने और पूजा की। थोड़ी देर बाद मुझे कुछ दिन पहले बनी चीजें खाने को दी गई। 

मैं आंगन में बैठकर वो सब मजे से खा रहा था, तभी जोर से आवाज आई और मैं सहम गया। मैं रोने लगा तो मुझे अंदर कमरे में बंद कर दिया गया। मुझे पूरी रात नींद नहीं आई। मगर शायद किसी ने मेरे बारे में सोचा ही नहीं।' यह तो एक बानगी भर है। आगे की बात तो आगे पढ़ने के बाद ही पता लगेगी।