इन मशहूर ब्रांड्स के पीछे छिपी कहानियां हैं बेहद मजेदार

कभी नोकिया बेचता था टॉयलेट पेपर। 

मेरे शहर में एक भैया रहते हैं। कई साल पहले उन्होंने पढ़ाई पूरी करने के बाद कॉपी-किताब बेचने की दुकान यानी 'विद्या स्टेशनरी' खोली। दुकान नहीं चली तो उन्होंने उसके साथ चॉकलेट वगैरह भी बेचनी शुरू कर दी। कुछ सालों के बाद उनकी दुकान किराने की दुकान में तब्दील हो गई। फिर वो उसके साथ दूध-डेयरी का सामान भी बेचने लगे और आज उनकी दुकान का नाम 'विद्या डेयरी' है जो शहर की सबसे बड़ी डेयरी है।

आज मैं आपको उन भैया की कहानी इसलिए सुना रहा हूँ क्योंकि कई मशहूर ब्रांड्स की कहानी उनसे काफी मिलती जुलती है। ये ब्रांड्स बेचने तो मार्केट में कुछ आए थे मगर आज बेच कुछ और ही रहे हैं। तो आइये चलते हैं इन ब्रांड्स के इतिहास में और जानते हैं कि अपने शुरुआती दिनों में ये कैसे हुआ करते थे।