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Satish01 Dec, 2018

अयोध्या नहीं कर्ज माफी चाहिए, किसी सरकार ने नहीं दिया ध्यान : भारत का किसान

हालात इतने बुरे क्यों हो गए?

भारत कृषि प्रधान देश होते हुए भी अपने किसानों के बारे में बिल्कुल नहीं सोचता है, तभी तो इस देश में किसानों की आत्महत्या नहीं रुकती है। किसान अपने सवाल लेकर हर सरकार के पास जाते हैं मगर उनकी समस्या को आज तक किसी ने भी गंभीरता से नहीं लिया है।
बार-बार नए-नए आयोग बनाए जाते हैं, विपक्ष में रहते हुए हर मुख्य विपक्षी दल किसानों की हितैषी बनने की कोशिश करती है, मगर सत्ता में आते ही माखन-मलाई खाने-खिलाने में मस्त हो जाते हैं। किसानों ने भी हर बार खुद को छला हुआ ही महसूस किया है। तभी इसबार 209 किसान संगठनों ने एक साथ आने का निर्णय लिया जो इतिहास में पहली बार हुआ है।
किसानों के अपने मुद्दे हैं, उनकी अपनी माँगें हैं जिसे वे सरकार तक पहुँचाना चाहते हैं। इसलिए पूरे देश से किसान दिल्ली में एकत्रित हुए हैं। दो दिनों के इस महासम्मेलन में किसान अपनी बात सरकार के सामने रखने वाले हैं। ये देखना अहम होगा कि विपक्ष में रहते हुए किसान हितों की बात करने वाली सत्तारूढ़ पार्टी क्या रूख अपनाती है। तो आइए आप और हम चलते हैं देश के सबसे बड़े सवाल की ओर जिससे मुँह फेर कर हम खुद के पेट पर लात मारने का काम करेंगे।