बृह्मा जी ने की थी शादी तो बदले में मिला था ऐसा श्राप, जानिए पूरा मामला

केतकी के फूलों को भी मिला था श्राप। 

हिन्दू धर्म में बृह्मा, विष्णु और महेश इन त्रिदेवों को सृष्टि के जीवन का कर्ता-धर्ता माना जाता है। बृह्मा जी ने सृष्टि की रचना की, वहीं विष्णु संसार की देखरेख और संचालन का भार अपने जिम्मे लिए हुए हैं और महेश यानी कि शिव सृष्टि के संहार के लिए उत्तरदायी होते हैं। 

हम ये कह सकते हैं कि ये त्रिदेव ही सृष्टि का आधार हैं। लेकिन क्या कभी आपने गौर किया कि हिन्दू धर्म में इन त्रिदेवों में से विष्णु और शिव भगवान तो पूरी श्रद्धा-भक्ति से पूजे जाते हैं। मगर सृष्टि के रचयिता बृह्मा को पूजना तो दूर उनका मंदिर तक नहीं बनाया जाता है।

क्या कभी आपने सोचा कि ऐसा क्यों होता है? क्यों पूरे भारत में बृह्मा का केवल एक ही मंदिर है? क्यों उन्हें अन्य देवों की तरह पूजा नहीं जाता। तो आइये हम आपको इसके पीछे का कारण बताते हैं।